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पीटीआई-भाषा संवाददाता 12:12 HRS IST
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तोक्यो, 16 दिसंबर :एएफपी: जापान और रूस ने औपचारिक तौर पर द्वितीय विश्वयुद्ध को खत्म करने और जापान के दावे वाले रूस अधिकृत छोटे-छोटे द्वीपों में आर्थिक परियोजनाओं पर केंद्रित एक शांति समझौता पर प्रगति के उद्देश्य से आयोजित शिखर सम्मेलन का आज समापन किया।
किसी सफलता की उम्मीद में गुरूवार को पश्चिमी जापान में देश के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच आबे के गृहनगर में मुलाकात के बाद तोक्यो में दूसरे दिन की चर्चा का आयोजन हुआ।
आबे ने बताया कि भले ही उन्होंने कोई बड़ी प्रगति की घोषणा नहीं की हों लेकिन उनके बीच बेहद ‘‘साफगोई’’ से विचारों का आदान प्रदान हुआ। दोनों नेताओं ने विवादित क्षेत्र में आर्थिक सहयोग के तरीकों पर चर्चा की।
सोवियत संघ ने 1945 में युद्ध की समाप्ति के दिनों में जापान के उत्तरी तट के चार द्वीपों पर कब्जा कर लिया था।
रूस में सदर्न कुरिल्स और जापान में नदर्न टेरीटरीज के रूप में मशहूर इन द्वीपों ने दोनों पक्षों को अपने संघर्ष को पीछे छोड़ने से रोका है।
वर्ष 1956 में जापान और पूर्व सोवियत संघ के बीच बातचीत शुरू होने के बाद से किसी समझौते पर पहुंचने के मकसद से किया गया यह ताजा प्रयास है।
जापानी मार्शल आर्ट में निपुण पुतिन ने कहा है कि वह शांति समझौते की कमी को ‘‘पुरातन’’ के तौर पर देखते हैं और वह चाहते हैं कि इस मुद्दे को सुलझाया जाए, बहरहाल वह यह भी मानते हैं कि इसमें प्रगति ‘‘मुश्किल’’ है।
आबे ने कहा कि दोनों नेताओं ने द्वीपों के संयुक्त आर्थिक विकास के मुद्दे और जापान के प्राचीन निवासियों के लिए वहां की यात्रा सुगम बनाने पर चर्चा की।
दोनों देशों के कारोबारी नेता शुक्रवार को मिलेंगे।
किसी सफलता की उम्मीद में गुरूवार को पश्चिमी जापान में देश के प्रधानमंत्री शिंजो आबे और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच आबे के गृहनगर में मुलाकात के बाद तोक्यो में दूसरे दिन की चर्चा का आयोजन हुआ।
आबे ने बताया कि भले ही उन्होंने कोई बड़ी प्रगति की घोषणा नहीं की हों लेकिन उनके बीच बेहद ‘‘साफगोई’’ से विचारों का आदान प्रदान हुआ। दोनों नेताओं ने विवादित क्षेत्र में आर्थिक सहयोग के तरीकों पर चर्चा की।
सोवियत संघ ने 1945 में युद्ध की समाप्ति के दिनों में जापान के उत्तरी तट के चार द्वीपों पर कब्जा कर लिया था।
रूस में सदर्न कुरिल्स और जापान में नदर्न टेरीटरीज के रूप में मशहूर इन द्वीपों ने दोनों पक्षों को अपने संघर्ष को पीछे छोड़ने से रोका है।
वर्ष 1956 में जापान और पूर्व सोवियत संघ के बीच बातचीत शुरू होने के बाद से किसी समझौते पर पहुंचने के मकसद से किया गया यह ताजा प्रयास है।
जापानी मार्शल आर्ट में निपुण पुतिन ने कहा है कि वह शांति समझौते की कमी को ‘‘पुरातन’’ के तौर पर देखते हैं और वह चाहते हैं कि इस मुद्दे को सुलझाया जाए, बहरहाल वह यह भी मानते हैं कि इसमें प्रगति ‘‘मुश्किल’’ है।
आबे ने कहा कि दोनों नेताओं ने द्वीपों के संयुक्त आर्थिक विकास के मुद्दे और जापान के प्राचीन निवासियों के लिए वहां की यात्रा सुगम बनाने पर चर्चा की।
दोनों देशों के कारोबारी नेता शुक्रवार को मिलेंगे।
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