नई दिल्ली,05 जनवरी। अंतरिक्ष क्षेत्र में नित नई उड़ान भरकर इतिहास रच रहे इसरो की नज़र अब बृहस्पति और शुक्र मिशन पर है।
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन मंगल मिशन के बाद बृहस्पति औऱ शुक्र पर जाने की तैयारी कर रहा है।
इस मीशन को लेकर वैज्ञानिकों का मानना है कि इस अभियान में भविष्य को ध्यान में रखते हुए विश्लेषण करना होगा कि उन्हें किस तरह के उपग्रह तैयार करने होंगे और किस तरह के राकेट्स की सभी को आवश्यकता होगी।
इसरो के सहायक निदेशक एम नागेश्वर राव ने कहा कि हम अन्य ग्रहों पर गौर कर रहे हैं, जहां हम नयी जानकारी जुटा सकें। इसके साथ ही बताया कि शुक्र पर उपग्रह भेजने का मौका 19 महीने में एक बार ही आता है। वहीं उन्होंने बताया कि मंगल आर्बिटर मिशन के लिए फालो अप मिशन की योजना तैयार की जा रही है। जिससे मंगल ग्रह के 70 हजार किलोमीटर पास फालो अप मिशन के तहत जाने की प्लानिंग है।
तिरूपति में भारतीय विज्ञान कांग्रेस में संबोधित कर रहे नागेश्वर राव ने बताया कि चंद्रयान 2 हेतु कार्य जारी है। इस तरह की परियोजना में लैंडर व रोवर आदि शामिल हैं।
आपको बता दे कि कि चंद्रयान 2 के लिए इसरो के वैज्ञानिक अपने कार्य में लगे हैं। चंद्रयान के अगले कार्यक्रम चंद्रयान 2 को आगामी साल में भेजे जाने की संभावना है।
तो अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक कदम और आगे बढ़ाते हुए इसरो बृहस्पति औऱ शुक्र जाने की तैयारी में लगा है। इसके साथ ही इसरो एक साथ 103 सेटेलाइट लांच कर इतिहास रचने की तैयारी में भी है।
…देखते रहिए डीवी लाइव।
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